तब शुभमंगल आपको ये होली हो

 फुहार रंगों की बरसती हो, 

खुशीयों की बस बस्ती हो,

धुन प्यार की जहां बजती हो

महफिल अपनों की सजती हो

तब शुभमंगल आपको ये होली हो।।

पिय मिलन की आस पूरित हो

ज्यों चातक की प्यास पूरित हो 

जीवन ना कहीं संत्रास पूरित हो

बस हर्ष और उल्लास पूरित हो

तब शुभमंगल आपको ये होली हो।।

पीत वसन जब सबके तन हो

प्रीत बसत जब सबके मन हो

उल्लासित जब क्षण क्षण हो

सुख समृद्धि जब कण कण हो

तब शुभमंगल आपको ये होली हो।।

जीवन में खुशियों के रंग छाए,

गम के ना कभी बादल आएं,

आएं करें एक संकल्प नया

सत्कर्मों से अपने हम सब 

मिलकर बनाएं एक उन्नत राष्ट्र नया

तब शुभमंगल आपको ये होली हो।।

ना हमारी ना तिहारी हो

ना हल्का ना भारी हो

नशा रंगो का तारी हो

सहाय सदा बनवारी हो

कहे यही ठेठबिहारी हो

तब शुभमंगल आपको ये होली हो।।

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